।।जय बाबा की॥                                   
सम्माननीय बंधुवर,
जय बाबा की....!

आदरणीय,
 धर्मप्रेमी बंधुओं कलयुग अवतारी श्री बाबा रामदेवजी महाराज की साईट में आपका हार्दिक अभिनन्दन है । यह साईट पूर्ण रूप से श्री बाबा रामदेव जी (रामसापीर)  को समर्पित  है ।
इस साईट में अति प्राचीन धाम श्री बाबा रामदेव मंदिर, बेड़वा (राजस्थान) की स्थापना, इतिहास, वार्षिक उत्सव, मेला महोत्सव, अन्य गतिविधियों और मंदिर से सम्बंधित संपूर्ण जानकारी दी गयी है ।
इसके अलावा श्री बाबा रामदेव जी की जन्म-कथा, विवाह, बाबा के परचे (चमत्कार-लीला) सहित संपूर्ण जीवन-चरित्र, बाबा की समाधि, मान्यताये, आरती एवं भजन संग्रह, वैदिक दर्शन, बाबा के प्रमुख मंदिरों की सूची और बाबा रामदेव जी से सम्बंधित अन्य जानकारी इस साईट पर जुटाने का प्रयास किया गया है ।
     उम्मीद करता हूँ की यह ब्लॉग आपको पसंद आएगा | श्री रामदेव जी महाराज की जीवनी से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी विभिन्न स्रोतों के माध्यम से सत्यता और विश्वशनीयता से जुटाने का प्रयास किया गया है, फिर भी कोई चुक हो तो मैं क्षमा- प्रार्थी हूँ | इस ब्लॉग को और रोचक बनाने के लिए मैं आपके बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित करता हूँ | कृपया अपना मार्गदर्शन देवे |
बाबा की कृपा सदैव आप पर बनी रहे,
जय बाबा की !
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               श्री बाबा रामदेव जी का संक्षिप्त जीवन  परिचय 
समय-समय पर भारत की पवित्र धरती पर अनेक महात्माओं, वीरों, सत्पुरुषों व लोक देवताओं ने जन्म लिया । समय की आवश्यकतानुसार उन्होंने व्यक्तित्व, कार्यों व शौर्य के बल से समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों और बुराईयों से त्रस्त प्राणियों को इनसे मुक्ति दिलाकर जीने की सही राह दिखलाई । जब १५ वीं शताब्दी में भारत आपसी भेद- भाव, अत्याचार, वैर- द्वेष, सांप्रदायिक झगड़े,ऊँच-नीच और अनेक सामाजिक कुरीतियों से बुरी तरह त्रस्त हो गया था, तब भगवान द्वारकाधीश ने पश्चिमी राजस्थान के उन्डू-काशीर (पोकरण) के राजा अजमल जी के घर विक्रमी संवत १४०९ मिति भाद्रपद शुक्ला २(बीज) के दिन रामदेव जी के रूप में अवतार लेकर इनका न केवल विरोध किया बल्कि इन्हें समाप्त करने का सफल प्रयास भी किया । बाबा रामदेव जी ने अपना संपूर्ण जीवन दीन-दुखियों, लाचार गरीबों व असहायों की सेवा में लगा दिया । श्री रामदेव जी ने पश्चिमी राजस्थान को भैरव राक्षस के आतंक से मुक्ति दिलाकर लोगों में व्याप्त भय और डर को समाप्त किया । बाबा रामदेव जी का विवाह अमरकोट के राजा दलजी सोढा की पुत्री नेतल के साथ हुआ । श्री रामदेव जी ने जैसलमेर के पास रुनिचा नगर बसाया और वहां के राजा बनकर लोगों की सेवा में जुट गये । इसप्रकार बाबा रामदेवजी ने अपने जीवन-काल में अनेक परचे ( चमत्कार ) देते हुए ( जिनका वर्णन लोक- कथाओं और इतिहास में है ) समाधी लेने का निश्चय किया । विक्रमी संवत १442, भाद्रपद शुक्ला ग्यारस के दिन रुनिचा में बाबा रामदेव जी ने लोगो को आपसी सदभाव और भाईचारे से रहने और अच्छे कार्य करने का सन्देश देते हुए जीवित समाधी ले ली ।  श्री बाबा रामदेव जी की समाधी स्थल पर भव्य मंदिर है जिसका निर्माण बीकानेर के शासक गंगासिंह जी ने करवाया था । रुणिचा में हर साल लगने वाले मेले में लाखों की तादात में जुटी उनके भक्तों की भीड़ से उनकी महता व उनके प्रति जन- समुदाय की श्रध्दा का आंकलन आसानी से किया जा सकता है । बाबा रामदेवजी जहाँ हिन्दुओं के देव है तो मुसलमान भाई इन्हें रामसा पीर के नाम से पुकारते है।

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              श्री बाबा रामदेव मेला महोत्सव 2014 
धर्मप्रेमी बंधुओं,
सप्रेम जय बाबा की!
         आप सभी को सूचित करते हुए परम हर्ष हो रहा है कि ग्राम बेड़वा, डीडवाना (नागौर) राजस्थान के श्री बाबा रामदेव मंदिर में श्री रामदेव मेला महोत्सव के तहत श्री नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर के द्वारा विकलांग बच्चों व दीन- दुखियों की सहायतार्थ श्री श्री रोहित गोपाल (भैया जी)  के मुखारविंद से "नानीबाई का मायरा" दिनांक 29 अगस्त 2014 से 31 अगस्त 2014 तक और "श्री बाबा रामदेव चरित्र कथा" का आयोजन दिनांक 1सितम्बर 2014 से 4 सितम्बर 2014 तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक किया जायेगा, जिसमे आपकी सपरिवार उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणादायी तो होगी ही, साथ ही आपके लिए इस महोत्सव का सामीप्य एक नई आध्यात्मिक अनुभूति होगी। अतः आपसे निवेदन है इस पावन महोत्सव का हिस्सा बने।

विशेष: नानी बाई का मायरा और श्री बाबा रामदेव चरित्र कथा का सीधा प्रसारण आस्था भजन चैनल पर भारत सहित 135 देशों में दिनांक 29 अगस्त से 4 सितम्बर 2014 तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक किया जायेगा।


मेला महोत्सव के अन्य कार्यक्रमों में दिनांक 3 सितम्बर, भादवा सुदी नवमी को प्रातः 8:00 बजे से बाबा रामदेव जी की शोभायात्रा और ध्वज परिक्रमा श्री सत्यनारायण मंदिर से शुरू होकर रामदेव मंदिर तक पहुंचेगी, जहाँ पर बाबा रामदेव जी को विशाल नेजा चढाया जायेगा, रात्रि को बाबा रामदेव भजन मंडली बेड़वा द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा। दिनांक 4 सितम्बर, भादवा सुदी दशमी को सुबह 9:00 बजे से हवन( यज्ञ), दोपहर को ज्योत दर्शन एवं महाआरती, झांकी प्रदर्शन, रात्रि को बाहर से आमंत्रित सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा। दिनांक 5 सितम्बर, भादवा सुदी 11 को विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ ही समापन समारोह आयोजित किया जायेगा।
इस Event को ज्यादा से ज्यादा Share करे और अपने दोस्तों को Invite करें।
।।जय बाबा की॥    ॥बाबो भली करे॥
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